Unjha APMC Rate

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मेरे प्यारे किसान भाइयो आपका स्वागत हे Sunflaker ब्लॉग मे, इस पोस्ट के माध्यम से आपको Unjha mandi bhav Unjha APMC Rate – उंझा मंडी भाव की जानकारी प्रतिदिन उपलब्ध होंगी। दूसरे मंडियों के भाव भी इस वेबसाइट पर देख सकते हो.

Unjha APMC

AddressAGRICULTURAL PRODUCE MARKET COMMITTEE, UNJHA,
Ganjbazar,UNJHA ( N. GUJARAT ) Pin-384170,
Chairman Shree Dineshbhai Patel,
SecretaryShree Vishnubhai Patel.
Contact+(91)-(2767) 252508, 253608, 253979
Fax+(91)-(2767) 254308
Emailcontact@apmcunjha.com

जीरा एक ऐसी फसल है जो सभी घरों के रसोईघर में पाई जाती है | जीरा एक सुगंधित मसाला है जो एक मसाले के रूप में इसका उपयोग किया जाता है, इसकी मांग पुरे देश में है। विदेशी व्‍यंजनों में खासतौर पर जीरा डाला जाता है। पूर्वी यूरोप और एशिया के खास व्‍यंजनों में जीरे का इस्‍तेमाल जरूर किया जाता है। जिसके कारण किसानों को अच्छी कीमत मिलती है. भारत में हर घर की रसोई में जीरा जरूर मिलता है। चरपरे स्‍वाद की वजह से मोरक्‍को के स्‍थानीय व्‍यंजनों में जीरे का बहुत इस्‍तेमाल किया जाता है।

जीरा की खेती और सभी तरह की खेती की अपेक्षा ज्यादा लाभदायक है। इरान में मिली व्‍यंजन पकाने की कुछ प्राचीन किताबों में भी जीरे का उल्‍लेख किया गया है। हालांकि, जीरे का इस्‍तेमाल सिर्फ खाना पकाने के लिए ही नहीं किया जाता है। स्‍वास्‍थ्‍यवर्द्धक एवं औषधीय गुणों के कारण पारंपरिक और आयुर्वेदिक औषधियों में जीरे का महत्‍वपूर्ण स्‍थान है। कुछ इतिहासकारों के मंतव्य के अनुसार प्राचीन मिस्‍त्र में जीरे को महत्‍वपूर्ण औषधीय मसाले के रूप में जाना जाता था।

Jira Ka Bhav Aaj Ka

जीरे का पौधा एक जड़ी बूटी है जो 1 से 1.5 फीट की ऊंचाई तक बढ़ सकता है। जीरे का मुलायम तना शाखों से बहुत ज्‍यादा जुड़ा हुआ होता है। इसकी लंबी पत्तियां और सफेद या लाल रंग के छोटे फूल होते हैं जो कि जीरे की शाखाओं पर झुंड में खिलते हैं। जीरे के बीज आकार में लंबे लेकिन अंडाकार होते हैं और उनकी सतह पर लकीरें होती हैं।

  • वानस्‍पतिक नाम: क्‍यूमिनम सायमिनम
  • कुल: एपिएसी
  • सामान्‍य नाम: क्‍यूमिन, जीरा
  • संस्‍कृत नाम: जीरक
  • उपयोगी भाग: फल
  • भौगोलिक विवरण: जीरा मूल रूप से मिस्‍त्र से है लेकिन इसे चीन, मोरक्‍को और भारत में भी उगाया जाता है।
  • गुण: गर्म

आज हम जीरा की खेती में सही तरीके से मौसम , बीज , खाद, तथा सिंचाई की जानकारी विस्तार से बताएँगे। जीरा की खेती दोमट मिट्टी में होती है तथा इसकी खेती ज़्यदातर ठंडी के मौसम में की जाती है. आज के समय में जीरा की खेती धिक तापमान में नहीं हो पाता है | जीरा की बुवाई के समय का तापमान 24 से 28 डिग्री सेंटीग्रेट तथा पौधों की वृद्धि के समय 20 से 22 डिग्री सेंटीग्रेट होना चाहिए |

जीरा की खेती के लिए सिंचाई बुवाई के तुरंत बाद करें। लेकिन याद रहे सिंचाई हल्की होनी चाहिए तथा बहुत जायदा तेज धार में नहीं होनी चाहिए। तेज धार में करने से जीरा पानी में बह कर एक जगह पर आ जाता है | दूसरी सिंचाई बुवाई के 7 दिन बाद करें | इसके बाद प्रत्येक 20 दिन के अंतराल पर 4 से 5 सिंचाई आवश्य दें | याद रहे जीरे के फूल पर सिंचाई नहीं करें. आज के आर्टिकल हमारे द्वारा दिए गए Unjha APMC में उपलब्ध unjha market yard na bhav,jira bajar bhav, til price चना और ग्वार मंडी भाव की जानकारी आपको कैसी लगी नीचे कमेंट में जरूर बताएं।

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